मसूरी में 16 स्कूलों के 32 विद्यार्थियों ने दिखाया दम, वाद-विवाद में गूंजे तर्क और विचार
मसूरी। सद्भावना मसूरी द्वारा शहर में वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें मसूरी के 16 विद्यालयों के 32 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा, तर्कशक्ति और विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर प्रभावशाली ढंग से अपने विचार रखे और अपनी अभिव्यक्ति क्षमता का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक जोत सिंह गुंसोला विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिता में उनके प्रदर्शन की सराहना की।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि जेन ज़ी (Gen Z) पीढ़ी देश का भविष्य है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में तकनीक युवाओं के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे में तकनीक का सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग करते हुए सही दिशा में आगे बढ़ना विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने विचारों को तार्किक ढंग से प्रस्तुत करने, सही और गलत के बीच अंतर समझने तथा समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने में भी प्रतियोगिताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने आत्मविश्वास के साथ अपने विचार रखे। विद्यार्थियों ने अपने तर्कों के माध्यम से विषयों के विभिन्न पहलुओं को सामने रखा। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों की तर्कशक्ति, अभिव्यक्ति कौशल, विषय की समझ और आत्मविश्वास देखने को मिला।
पूर्व विधायक जोत सिंह गुंसोला ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा निखारने और मंच पर अपने विचार रखने का अवसर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।
सद्भावना मसूरी द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं की भागीदारी से माहौल उत्साहपूर्ण रहा। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल प्रतिस्पर्धा का अवसर मिला, बल्कि उन्होंने एक-दूसरे के विचारों को सुनकर विभिन्न विषयों को नए दृष्टिकोण से समझने का भी प्रयास किया।
आयोजकों ने कहा कि विद्यार्थियों में छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करने और उनमें नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच एवं आत्मविश्वास विकसित करने के उद्देश्य से इस तरह के कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे।
