मसूरी में बालाहिंसार स्थित बाबा बुल्ले शाह की मजार तोड़ने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज।

दिनेश /
मसूरी । पहाड़ों की रानी मसूरी में शनिवार रात बालाहिंसार स्थित मजार को क्षतिग्रस्त करने का मुद्दा गरमा गया है, जहां मुस्लिम समाज के लोगों में खासा रोष पुलिस ने किया विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज । साथ ही मुस्लिम सेवा संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी यदि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो संविधान के मुताबिक होगा जन आंदोलन ।
इस घटना को लेकर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों समेत 25 से 30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बता दे कि 24 जनवरी की सायं कुछ असामाजिक तत्व हथौड़ा और सब्बल लेकर मजार परिसर में घुसे और मजार को नुकसान पहुंचाया। इतना ही नहीं, वहां रखे धार्मिक ग्रंथों को भी क्षतिग्रस्त किया गया तथा मजार परिसर में शौच कर धार्मिक उन्माद फैलाने का प्रयास किया गया। इस घटना से क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। इस संबंध में मुस्लिम सेवा संगठन के मसूरी अध्यक्ष अकरम खान पुत्र तौकीर अहमद ने कोतवाली मसूरी में लिखित तहरीर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मु.अ.सं. 04/26, धारा 196(1)(इ) एवं 298 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस द्वारा हरिओम, शिवउ और श्रद्धा के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है, जबकि अन्य अज्ञात आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस आसपास लगे सोषल मिडिया में वायरल फुटेज खंगाल रही है और घटना में शामिल लोगों की तलाश जारी है। मसूरी के सीओ मनोज असवाल ने बताया कि मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की गई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मसूरी में किसी भी सूरत में माहौल खराब नहीं होने दिया जाएगा।
बाबा बुल्लेशाह समिति के अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कोतवाली में तहरीर दी जिसमें कहा गया कि बाबा बुल्लेशाह की मजार वाइनबर्ग ऐलन स्कूल की संपत्ति पर है, जिसमें विभिन्न धर्मो के लोगों की बड़ी आस्था है व मजार पर जाकर परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने बाबा बुल्लेशाह की मजार में शनिवार की रात्रि को तोड़ फोड की व मजार को क्षतिग्रस्त कर दिया। तहरीर में कहा गया कि यह सुनियोजित तरीके से आपस में द्वेष भावना व घृणा पैदा करने के लिए किया गया है ताकि शांत शहर में माहौल अशांत बने।
मुस्लिम सेवा संगठन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होती है, तो इसके खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसे प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शासन-प्रशासन की होगी। संगठन के पदाधिकारी सदाम कुरेषी, आकिब कुरेषी और नईम कुरेषी ने कहा कि कुछ बाहरी और शरारती तत्व उत्तराखंड के शांत माहौल को बिगाड़ने और हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत एक था, एक है और एक ही रहेगा। बता दे कि बाबा बुल्ले शाह की मजार निजी संपत्ति पर स्थित है और वर्षों से क्षेत्र में आपसी सद्भाव का केंद्र रही है। इस तरह की घटना न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करती है, बल्कि समाज की एकता पर भी प्रहार करती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और प्रशासन ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
इस मौके पर पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल, अमित गुप्ता, नरी मल्ल, मेघ सिंह कंडारी, इसरार अहमद, दानिश खान, अकरम खान, चांद खान, नासिर हुसैन, षान खान, नदीम कुरैशी सहित कई लोग मौजूद थे।
