बहुगणा पार्क को धरना-प्रदर्शन के लिए उपयुक्त मानते हुए वैकल्पिक स्थल चयनित किया गया
दिनेश /
मसूरी । मसूरी में धरना-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थल के चयन को लेकर प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। संयुक्त निरीक्षण के बाद प्रशासन द्वारा कैमल बैक रोड स्थित स्थल बहगुणा पार्क हवाघर को उपयुक्त मानते हुए अनुमति प्रदान की गई है।
पर्यटन नगरी मसूरी में धरना-प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थल के चयन हेतु गठित समिति की संस्तुति पर प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। अधिशासी अधिकारी नगर पालिका मसूरी और नायब तहसीलदार मसूरी की संयुक्त समिति द्वारा किए गए निरीक्षण के बाद कैमल बैक रोड को धरना-प्रदर्शन के लिए उपयुक्त स्थल माना गया है।
जारी आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए इस स्थान का चयन किया गया है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि धरना-प्रदर्शन के दौरान यातायात पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और प्रदर्शनकारियों तथा सुरक्षा बलों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उक्त स्थल सांस्कृतिक दृष्टि से भी संवेदनशील नहीं है, जिससे किसी प्रकार की जन असुविधा या व्यवधान उत्पन्न होने की संभावना कम है। विभिन्न विभागों द्वारा निरीक्षण के बाद समिति की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए इस स्थान को अधिकृत किया गया है।
उप जिलाधिकारी मसूरी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब धरना-प्रदर्शन इसी निर्धारित स्थल पर किए जाएंगे। साथ ही नगर पालिका को निर्देश दिए गए हैं कि वहां सूचना बोर्ड लगाने के साथ ही शौचालय, सफाई और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
इसके अलावा जिलाधिकारी देहरादून, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, कोतवाली मसूरी और नायब तहसीलदार को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
वहीं नगर पालिका सभासद गीता कुमाई ने उप जिलाधिकारी मसूरी को ज्ञापन देकर कैमल बैक रोड हवा घर पर धरना प्रदर्शन स्थल घोषित किए जाने का विरोध किया है। उन्होंने अवगत कराया कि कैमल बैक रोड एक ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां स्थानीय नागरिक, पर्यटक एवं वरिष्ठ नागरिक नियमित रूप से भ्रमण हेतु आते हैं, तथा संबंधित हवा घर में विश्राम भी करते हैं। मार्ग की वर्तमान जर्जर स्थिति पहले से ही सुरक्षा की दृष्टि से चिंताजनक है। पर्यटन सीजन की शुरूआत भी हो चुकी है। जिसमें देश विदेश के लोग शामिल होते हैं। ऐसी स्थिति में इस संवेदनशील स्थल को धरना प्रदर्शन हेतु चिन्हित करना ना तो व्यावहारिक है और ना ही जन सुविधा एवं सुरक्षा के अनुरूप है।
