मसूरी निवासी प्रसिद्ध भारतीय यात्रा लेखक और पत्रकार, पद्म श्री ह्यूग गैंटज़र के निधन से मसूरी में शोक की लहर ।
दिनेश /
मसूरी । भारत में यात्रा लेखन का अग्रणी और उत्तराखण्ड के मसूरी निवासी ह्यूग गैंट्जर का 95 साल की उम्र मे देहांत हो गया है। पद्मश्री से सम्मानित ह्यूग गैंट्ज़र उत्तराखंड के प्रसिद्ध यात्रा वृतांत लेखक थे। वह भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी थे और कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हुए ।
भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त होने के उपरांत इन्होंने और इनकी पत्नी कोलीन गैंट्जर ने भारतीय मोज़ेक के आकर्षणों की खोज करने का निर्णय लिया। 9 जनवरी, 1931 को पटना में जन्में गैंट्ज़र ने हैम्पटन कोर्ट स्कूल, सेंट जॉर्ज कॉलेज मसूरी, सेंट जोसेफ स्कूल नैनीताल, सेंट जेवियर्स महाविद्यालय, कलकत्ता और बम्बई में के. सी. विधि महाविद्यालय से अपनी शिक्षा पूरी की।
ह्यूग गैंट्ज़र ने स्वीकार किया था कि अपनी दिवंगत पत्नी, कोलीन की प्रेरणा से वह यात्रा वृतांत लेखक बन गए, उनकी पत्नी बहुत ही जिज्ञासु, बहुत ही साहसी थीं और संवेदना ऐसी थी कि एकदम अनजान व्यक्ति भी उनके सामने अपने मन की सारी बातें कह जाता था ।
ह्यूग गैंट्जर सुप्रीम कोर्ट मॉनिटरिंग कमेटी के वर्ष 1988 से सदस्य रहे हैं। उनके बेटे पीटर गैंट्जर जो केरल के नीलगिरी में रहते हैं, के मसूरी पहुंचने के बाद ही उनको दफनाया जाएगा। ह्यूग गैंट्जर के पिता जे0 एफ0 गैंट्जर भी ब्रिटिश काल में 1941-43 मसूरी नगर पालिका के प्रशासक व चैयरमैन रहे हैं।
मुख्य उपलब्धियाँ और विरासत
पायनियरिंग ट्रैवल राइटिंग: ह्यूग और कॉलिन गैंटज़र ने भारत के पहले राष्ट्रव्यापी टीवी यात्रा शो की मेजबानी की और देश के पहले नियमित यात्रा कॉलम लॉन्च किए।
पद्म श्री पुरस्कार: उन्हें और उनकी दिवंगत पत्नी को भारतीय यात्रा पत्रकारिता में उनके विशिष्ट योगदान के लिए भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक, पद्म श्री से सम्मानित किया गया था।
व्यापक कार्य: उन्होंने 30 से अधिक किताबें लिखीं, 3,000 से अधिक लेख/कॉलम प्रकाशित किए, और दूरदर्शन के लिए 52 यात्रा वृत्तचित्र (travel documentaries) का निर्माण किया।
अद्वितीय शैली: उनकी लेखन शैली को सत्यनिष्ठा, संयम और विस्तार पर ध्यान देने के लिए जाना जाता था, जिसने भारत को एक “मेल्टिंग पॉट” के बजाय “मोज़ेक” के रूप में चित्रित किया।
सैन्य पृष्ठभूमि: लेखन में अपना करियर शुरू करने से पहले, ह्यूग गैंटज़र ने भारतीय नौसेना में एक कमांडर के रूप में दो दशकों तक सेवा की थी।
उल्लेखनीय कार्य
पुस्तकें:
Intriguing India श्रृंखला (चार भागों में)
Mussoorie’s Mythistory
The Year Before Sunset (उपन्यास)
टेलीविजन:
Looking Beyond with Hugh and Colleen Gantzer (दूरदर्शन पर प्रसारित भारत का पहला राष्ट्रव्यापी टीवी यात्रा शो) ।
