6 माह से खड़ी हैं गोल्फ कार्ट, रोजी-रोटी छिनने से नाराज श्रमिकों ने शुरू की भूख हड़ताल; दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
मसूरी । पहाड़ों की रानी मसूरी में गोल्फ कार्ट संचालन, रोजगार बहाली और पुनर्वास नीति को लागू करने की मांग को लेकर श्रमिकों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार से 14 गोल्फ कार्ट संचालक नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ तीन दिवसीय क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलनकारियों ने एसडीएम मसूरी के माध्यम से प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो वे अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने को बाध्य होंगे।

प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों का नेतृत्व कर रहे रणजीत सिंह चौहान ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पालिका की गलत नीतियों के कारण श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन ने मजदूर संघ में फूट डालकर दो फाड़ कर दिए हैं।
चौहान ने बताया, “हाथ-रिक्शा चालकों के पुनर्वास के तहत 14 गोल्फ कार्ट खरीदी गई थीं। लेकिन रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस की आड़ में पिछले 6 महीनों से इनका संचालन बंद करा दिया गया है। इससे न सिर्फ सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ है, बल्कि 14 परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। हमने कई बार पत्राचार के जरिए पालिका और प्रशासन को चेताया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”

श्रमिकों ने हाथ-रिक्शा उन्मूलन योजना के तहत मिली ‘बेकरी हिल’ पार्किंग को वापस लिए जाने पर भी कड़ा रोष जताया। उन्होंने बताया कि 1996 में जब हाथ-रिक्शा बन्द कराए गए थे, तब लिखित समझौते, शपथ पत्र और लाइसेंस निरस्तीकरण के बदले श्रमिकों की आजीविका के लिए यह पार्किंग आजीवन सौंपी गई थी। वर्ष 1996 से 2025 तक यह व्यवस्था सुचारू चली, लेकिन अब नगर पालिका ने पार्किंग का खुद संचालन शुरू कर दिया है ।
श्रमिकों का कहना है कि जहां एक तरफ 14 परिवारों से पार्किंग और गोल्फ कार्ट छीन ली गई, वहीं शेष 107 रिक्शा श्रमिकों की पुनर्वास योजना भी फाइलों में धूल फांक रही है। श्रमिकों ने मांग की है कि गोल्फ कार्ट का संचालन तत्काल प्रभाव से शुरू कराया जाए ।
धरना देने वालों में रणजीत सिंह चौहान अध्यक्ष मजदूर संघ वीरेंद्र डुंगरियाल कोषाध्यक्ष राजेश प्रसाद डंगवाल सहयोगी गण लखी लाल दाताराम, शंकर विजय सिंगवान आदि लोग शामिल रहे ।
