मजदूर संघ में छिड़ा घमासान, गोल्फ कार्ट के विरोध में उतरा दूसरा गुट; भूख हड़ताल को बताया न्यायालय की अवमानना
मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में गोल्फ कार्ट संचालन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। एक तरफ जहां 14 संचालक भूख हड़ताल पर बैठे हैं, वहीं अब मजदूर संघ के दूसरे गुट ने खुद को ‘असली मजदूर संघ’ बताते हुए आंदोलनकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने हड़ताल कर रहे लोगों को पहले से निष्कासित बताते हुए साफ चेतावनी दी है कि यदि शहर में गोल्फ कार्ट का संचालन शुरू हुआ, तो वे उग्र और अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।
मजदूर संघ के महामंत्री सोबन सिंह पंवार ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि शहीद स्थल पर भूख हड़ताल कर रहे लोगों का मजदूर संघ से कोई लेना-देना नहीं है; उन्हें पहले ही संगठन से निष्कासित किया जा चुका है। आंदोलनकारी संघ से निष्कासित, गोल्फ कार्ट का संचालन गैरकानूनी हैं ।
पंवार ने कहा, “गोल्फ कार्ट का मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में इस तरह का दबाव बनाना और भूख हड़ताल पर बैठना सीधे तौर पर न्यायालय की अवमानना है। इन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने तकनीकी पहलू उठाते हुए कहा कि गोल्फ कार्ट मोटर व्हीकल एक्ट के दायरे में नहीं आती है और यह सार्वजनिक सड़कों पर चलने के लिए उपयुक्त नहीं है, इसलिए इसका संचालन पूरी तरह गलत है।
बैठक में बनी रणनीति, संचालन होने पर भूख हड़ताल की चेतावनी
इस पूरे विवाद को लेकर मजदूर संघ की एक अहम बैठक जयमल पंवार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संगठन गोल्फ कार्ट संचालन का हर स्तर पर विरोध करेगा। पदाधिकारियों ने दो टूक कहा कि अगर नगर पालिका प्रशासन ने दबाव में आकर गोल्फ कार्ट चलाने की अनुमति दी, तो उनका संगठन सड़कों पर उतरकर भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्शन करेगा।
बैठक में महामंत्री सोबन सिंह पंवार, बिंदी लाल, कमल कंडारी, पुसु लाल, कुलदीप सिंह, जयमल, उत्तम नेगी, रमेश सिंह, कमानी देवी, संत लाल, सीता देवी और विजय कुमार सहित संघ के कई सदस्य मौजूद रहे।
