मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत पेड़ों के कथित अवैध कटान, घटते हरित क्षेत्र, सूखते प्राकृतिक जलस्रोतों लेकर चिंताएं गहराने लगी
मसूरी । मसूरी वन प्रभाग के अंतर्गत पेड़ों के कथित अवैध कटान, घटते हरित क्षेत्र, सूखते प्राकृतिक जलस्रोतों और वन भूमि पर लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर चिंताएं गहराने लगी हैं। इन गंभीर पर्यावरणीय मुद्दों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता रवीन्द्र जुगरान के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मसूरी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) देवी प्रसाद बलोनी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने वन संपदा के संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर तत्काल कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने डीएफओ के समक्ष चिंता जताते हुए कहा कि वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले कई इलाकों में प्रतिबंधित प्रजातियों के पेड़ों के कटान और वन भूमि पर कब्जे की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। रवीन्द्र जुगरान ने आरोप लगाया कि कानूनी प्रावधानों का गलत फायदा उठाकर कुछ तत्व वन भूमि और वन स्वरूप वाली जमीनों पर अवैध निर्माण कर रहे हैं। प्राकृतिक संसाधनों का इस तरह अंधाधुंध दोहन समूचे क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
जुगरान ने जोर देकर कहा कि मसूरी की वादियां और यहां के जंगल केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये देहरादून की बड़ी आबादी के अस्तित्व से जुड़े हैं।
प्रतिनिधिमंडल की चिंताओं पर डीएफओ देवी प्रसाद बलोनी ने स्पष्ट किया कि विभाग मौजूदा वन कानूनों के तहत जंगलों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विभाग को मिलने वाली हर शिकायत का संज्ञान लिया जाता है और तय कानूनी प्रावधानों के अनुसार जांच कर उचित कदम उठाए जाते हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने विभाग से अपेक्षा जताई कि केवल फाइलों तक सीमित रहने के बजाय जमीन पर प्रभावी निगरानी तंत्र विकसित किया जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लग सके। इस दौरान पर्यावरण प्रेमी डॉ. दीपक जोशी, रवीन्द्र सिंह गुसाईं सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
