उत्तराखण्ड में गुटखा और निकोटिन युक्त पान मसाला पर पूर्ण बैन, 1 साल तक बिक्री-भंडारण पर सख्त रोक; आदेश जारी
देहरादून । उत्तराखंड सरकार ने जनस्वास्थ्य के हित में बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेशभर में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा, पान मसाला और संबंधित खाद्य उत्पादों पर एक साल के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने सोमवार को इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया। यह रोक पूरे राज्य में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

उत्पादन से लेकर बिक्री तक सब कुछ बैन
आयुक्त की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, प्रतिबंध के दायरे में ऐसे उत्पादों का निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), भंडारण (स्टोरेज), वितरण और बिक्री पूरी तरह शामिल हैं। यानी अब राज्य में तंबाकू और निकोटिन युक्त गुटखा या पान मसाला किसी भी नाम या ब्रांड से न तो बनाया जा सकेगा और न ही बाजार में बेचा या सप्लाई किया जा सकेगा।
नियमों के उल्लंघन पर कड़ा एक्शन
विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बन्धन) विनियम, 2011 के प्रावधानों के तहत की गई है। कानूनन किसी भी खाद्य उत्पाद में निकोटिन या तंबाकू का उपयोग वर्जित है। इसके बावजूद बाजार में गुटखा और पान मसाला में इनके इस्तेमाल की लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसे देखते हुए जनहित में यह कड़ा कदम उठाया गया है।
13 अक्टूबर 2027 तक प्रभावी रहेगा फैसला
यह प्रतिबंध आदेश जारी होने की तिथि यानी 13 अक्टूबर 2026 से लेकर अगले एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा। आदेश को धरातल पर सख्ती से लागू कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग के मंडलीय और जिला स्तरीय अधिकारियों को छापेमारी और निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आदेश की प्रति मुख्य सचिव, स्वास्थ्य सचिव, स्वास्थ्य महानिदेशक, सभी जिलाधिकारियों (DM) और मुख्य चिकित्साधिकारियों (CMO) को भेज दी गई है। साथ ही इस फैसले को राजकीय गजट में प्रकाशित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नियम तोड़ने वालों पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी
