आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों पर एक्शन: एमडीडीए की सीलिंग ड्राइव के खिलाफ होमस्टे संचालकों ने की आपातकालीन बैठक
मसूरी । मसूरी के हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म सेक्टर में इन दिनों भारी अनिश्चितता का माहौल है। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा आवासीय परिसरों में संचालित होटलों, होमस्टे और बीएनबी इकाइयों के खिलाफ शुरू किए गए चालान व सीलिंग ड्राइव के बाद स्टेकहोल्डर्स की एक आपातकालीन बैठक आयोजित की गई ।
यह कठोर इंस्पेक्शन और एनफोर्समेंट ड्राइव हाल ही में कोर्ट द्वारा आवासीय संपत्तियों के कमर्शियल कन्वर्जन और जोनिंग नियमों के उल्लंघन पर जताई गई चिंता के बाद शुरू हुआ है।
बैठक में अपनी बात रखते हुए देवी गोदियाल ने स्पष्ट किया कि मसूरी के सभी होमस्टे और बीएनबी यूनिट्स उत्तराखंड टूरिज्म पॉलिसी के फ्रेमवर्क और रेजिडेंशियल नॉर्म्स के तहत विधिवत रजिस्टर्ड हैं। इसके बावजूद इन हॉस्पिटैलिटी यूनिट्स को कमर्शियल डिफॉल्टर मानकर परेशान किया जाना अनुचित है।
भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कानूनी और जोनिंग तकनीकी पहलुओं को उठाते हुए कहा कि मसूरी में अपडेटेड मास्टर प्लान के अभाव में आवासीय और गैर-आवासीय जोन्स का स्पष्ट सीमांकन नहीं है। जब तक स्पष्ट जोनिंग गाइडलाइंस तय नहीं होतीं, तब तक दंडात्मक कार्रवाई के बजाय प्रॉपर्टी ओनर्स को कंपाउंडिंग (शमन) का विकल्प मिलना चाहिए।
समस्या के तत्काल समाधान और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस को राहत दिलाने के लिए प्रतिनिधियों का एक डेलिगेशन जल्द ही एसडीएम, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और मुख्य सचिव से मुलाकात कर कम्प्लायंस व रेगुलेशन संबंधी ज्ञापन सौंपेगा।
बैठक में सुनील रावत, बलवीर रावत, अनुपम नेगी, नवीन गोयल और मदन गुणसोला सहित मसूरी के कई प्रमुख होमस्टे व बीएनबी ऑपरेटर्स मौजूद रहे।
