मसूरी में एमडीडीए के खिलाफ कांग्रेस का हल्लाबोल, नोटिस और सीलिंग पर तुरन्त रोक लगाने की मांग
मसूरी । मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की हालिया सीलिंग, नोटिस और प्रवर्तन कार्रवाइयों को लेकर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, वरिष्ठ नेता उपेंद्र थापली और महिला कांग्रेस अध्यक्ष/पूर्व सभासद जसबीर कौर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्राधिकरण और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नियमों और मास्टर प्लान के नाम पर स्थानीय निवासियों व छोटे कारोबारियों का उत्पीड़न किया जा रहा हैं ।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस की प्रमुख मांगें और उठाए गए मुख्य बिंदु ।
मनमाने नोटिसों और सीलिंग पर तुरंत रोक: स्थानीय नागरिकों के पुराने आवासीय भवनों, छोटे निर्माणों और होमस्टे संचालकों को भेजे जा रहे नोटिसों तथा सीलिंग की कार्रवाई को तुरंत बंद किया जाए। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण बड़े बिल्डरों पर आंखें मूंदे हुए है और आम स्थानीय लोगों को निशाना बना रहा है।
व्यावहारिक एवं जनहितैषी मास्टर प्लान: मसूरी के मास्टर प्लान को देहरादून के बंद कमरों में तय करने के बजाय स्थानीय जनभावनाओं, भौगोलिक परिस्थितियों और स्टेकहोल्डर्स (व्यापारियों व नागरिकों) की सहमति से लागू किया जाए। इसमें पहाड़ी क्षेत्र के पारंपरिक निर्माणों को राहत देने के प्रावधान हों।
पारदर्शी भूमि सर्वे और मालिकाना हक: शहर में हो रहे भूमि व संपत्तियों के सर्वे को पारदर्शी बनाया जाए। पीढ़ियों से बसे स्थानीय लोगों और पट्टाधारकों को बेदखल करने या अवैध करार देने के बजाय उनके अधिकारों को सुरक्षित किया जाए।
स्थानीय निवासियों और टैक्सियों के लिए डेडिकेटेड पार्किंग: मसूरी में पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों और टैक्सी चालकों के लिए वार्ड-वार पार्किंग की ठोस व्यवस्था की जाए। बिना पार्किंग विकल्प दिए स्थानीय लोगों के वाहनों पर चालान व क्लैंपिंग की कार्रवाई बंद हो ।
- स्थानीय कारोबारियों व पटरी व्यापारियों का संरक्षण: पर्यटन पर निर्भर छोटे व्यापारियों, पटरी दुकानदारों और होमस्टे संचालकों के लिए सरलीकृत नीतियां और सिंगल-विंडो सिस्टम बने, जिससे उन्हें प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
- एकमुश्त शमन योजना: पुराने और मामूली विचलन वाले निर्माणों के नियमितीकरण के लिए एक व्यावहारिक व सस्ती शमन नीति लाई जाए, ताकि शहरवासियों को कानूनी रूप से राहत मिल सके।
- कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि MDDA और शासन ने स्थानीय जनता के हितों की अनदेखी जारी रखी और नोटिस-सीलिंग का दबाव नहीं हटाया, तो कांग्रेस व्यापारियों व आम जनता को साथ लेकर सड़कों पर व्यापक आंदोलन शुरू करेगी।
