Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

February 26, 2026

देशव्यापी हड़ताल को लेकर सेंट्रल ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन द्वारा धरना प्रदर्शन कर उप जिला अधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित ।

दिनेश /

मसूरी। केंद्र सरकार की बनाई गयी चार श्रम संहिता समाप्त करने की मांग को लेकर श्रमिक संगठनों की देश व्यापी हड़ताल के तहत पर्यटन नगरी मसूरी में सेंट्रल ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन के बैनर तले मसूरी के विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया व राष्ट्रपति को एसडीएम कार्यालय के माध्यम से मांगों का ज्ञापन प्रेषित किया।

शहीद भगत सिंह चौक पर सीटू से जुडे श्रमिक संगठन एकत्र हुए और वहा से नारेबाजी के साथ इंद्रमणि बडोनी चौक, शहीद स्थल, मालरोड होते हुए गांधी चौक तक प्रदर्शन किया गया व उसके बाद राष्ट्रपति को ज्ञापन प्रेषित किया गया। इस मौके पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी माक्सवादी के प्रदेश सचिव राजेंद्र पुरोहित ने श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे देश में देश का मजदूर हड़ताल कर सड़कों पर है। केंद्र सरकार मोदी सरकार ने 21 नवंबर को देश में 44 श्रमिक कानून समाप्त कर चार श्रम संहिता लागू की व काम के घंटे आठ से बढाकर दस कर दिए है। इसके साथ ही किसानों व मजदूरों का उत्पीड़न किया जा रहा है। शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रही आशाएं, आंगनवाड़ी व भोजन माताओं का मानदेय नहीं बढा रही। मजदूरों के हड़ताल के हक को छीना जा रहा है। अमेरिका से डील कर देश के किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर किया जा रहा है। ऐसे में मजदूरों को एक होकर संघर्ष करना पडे़गा व सरकार की नीति का विरोध किया जायेगा। इस मौके पर सीटू के सोबन सिंह पंवार ने कहाकि देश व्यापी हड़ताल के तहत मसूरी में भी विरोध प्रदर्शन किया गया व नौ सूत्रीय ज्ञापन राष्ट्रपति को प्रेषित किया गया। जिसमें केंद्र सरकार श्रम सहिंता को समाप्त करे, होटल, स्कूल, दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों को 26 हजार न्यूनतम वेतन घोषित करे, भविष्य निधि बोर्ड में श्रमिक संगठनों को प्रतिनिधित्व दिया जाय, केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के सार्वजनिक प्रतिष्ठान बैंक, बीमा रक्षा पोस्टल, रेलवे सहित अन्य औद्योगिक क्षेत्रों के निजीकरण पर रोक लगायी जाय, केंद्र एवं राज्य सरकार के अंशदान में कार्यरत स्कीम महिला कामगारों, आंगनवाड़ी, आशा वर्करों, भोजन माताओं को राज्य कर्मचारी घोषित किया जाय, व न्यूनतम वेतन 26 हजार किया जाय, सेवानिवृत्ति के समय सामाजिक सुरक्षा में ग्रेजुएटि, पेशन का लाभ दिया जाय, निजी स्कूलों में कार्यरत अध्यापकों, कर्मचारियों का आर्थिक शोषण बंद किया जाय, व सरकारी मानकों के अनुसार वेतन दिया जाय, केंद्र व राज्य सरकार विभिन्न विभागों में रिक्तपदों को भरनेकी कार्रवाई करे व युवाओं को रोजगार दिया जाय, बढती मंहगाई पर रोक लगाई जाय, मजदूर संध के 107 रिक्शा श्रमिकों को ईरिक्शा व गोल्फकार्ट दी जाय, प्रदर्शन में शामिल संगठनों में होटल रेस्टोरेंट कर्मचारी संघ, के अध्यक्ष गंभीर िंसह पंवार, विक्रम बलुडी, आंगनवाडी सहायिका कार्यकर्ती यूनियन की अध्यक्ष जय श्री बिष्ट, सचिव ममता राव, आशा स्वास्थ्य यूनियन अध्यक्ष बीना रावत व सचिव सुनीता सेमवाल, भेजनमाता कामगार यूनियन की अध्यक्षदीपा देवी सविच दर्शनी भटट, मजदूर संघ अध्यक्ष संपत लाल व सचिव सोबन पंवार, स्कूल कालेज दुकान कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जगत लाल व सचिव विनोद लाल, इद्रश नौटियाल, नीरज कुमार संगीता भंडारी, मिजान शाह, चंद्रपाल रावत, उषा, प्रीति, उत्तम नेगी, जगल लाल, मुकेश लाल, संदीप सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Copyright2026©Murroorie Raibar, Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.