मसूरी-देहरादून मार्ग पर बार-बार दरक रही पहाड़ियों से जनता और लोक निर्माण विभाग परेशान, स्थाई समाधान की कवायद तेज
मसूरी। भारी वर्षा के कारण मसूरी-देहरादून मार्ग पर लगातार हो रहे भूस्खलन से जहां आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं यह लोक निर्माण विभाग के लिए भी अब चुनौती बन चुका है। रात्रि 1:00 बजे तक लोग निर्माण विभाग ने जेसीबी की मदद से यातायात सुचारु किया जिससे मसूरी-देहरादून से जाने वालों को यात्री मध्य रात्रि को अपने गंतव्य तक पहुंचे। लेकिन कुछ घंटों बाद ही सुबह पानी वाले बैंड पर पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा पेडों के साथ नीचे आ गया जिससे रोड बंद हो गयी। वहीं जहां पहले वायरक्रेट लगायी गयी थी वह भी पूरी तरह से ध्वस्त हो गयी व रोड केवल चार फीट बची। जिस पर लोक निर्माण विभाग ने दो दो जेसीबी लगाकर पहा़ड की कटाई की व दो से तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद छोटे वाहनों के लिए यातायात सुचारू किया।

लेकिन लगातार पहाड काटने से ठीक उसके उपर रोड व दुकाने बनी है जिन्हें खतरा उत्पन्न हो गया है। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ने बताया मसूरी देहरादून मार्ग के भूस्खल के स्थायी समाधान के लिए उत्तराखंड के लैंड स्लाइड मिटिगेशन सेंटर को तैनात किया गया है। मौके पर टोपोग्राफिकल सर्वे और सॉयल टेस्टिंग भी कराई जा चुकी है। करीब 15 से 20 दिनों में इसकी पूरी रिपोर्ट आ जायेगा व उसका खाका तैयार होने के बाद उसी आधार पर स्थायी उपचार कार्य शुरू किया जाएगा। जहां संभव होगा, इस कार्य में वन विभाग का सहयोग भी लिया जाएगा ताकि खतरनाक पेड़ों को हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि बरसात के अभी कई दिन बाकी हैं, इसलिए शासन-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। वहीं रोड पर लगातार जेसीबी तैनात की गयी है। उन्होंने कहा कि रोड खोलने के बाद एक मीटर और पहाड़ के अंदर काटा जायेगा जिससे बड़े वाहन भी आ जा सकें। इसके लिए साढे चार मीटर रोड बनायी जायेगी। रोड की हालात खराब होने के बावजूद इसके, फिलहाल मसूरी-देहरादून मार्ग पर सफर करने वाले लोगों को सावधानी बरतने और कुछ असुविधा के लिए तैयार रहने की जरूरत है ।
