सर जॉर्ज एवरेस्ट में कम्पनी के प्रबंधक और कर्मचारीयों को पालिका अध्यक्ष ने दी अग्रिम कार्यवाही करने की चेतावनी l
दिनेश /
मसूरी । उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी प्रवेश शुल्क जारी के चलते शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी जॉर्ज एवरेस्ट पहुंची । जहां पर कंपनी के कर्मचारियों की तानाशाही के चलते पहले तो पालिका अध्यक्ष और मीडिया कर्मचारियों को रोका गया । लेकिन बाद में कंपनी के प्रबंधक और कर्मचारियों के साथ वार्ता हुई । जिसमें पालिका अध्यक्ष के द्वारा स्पष्ट रूप से बताया गया कि 2012 में पालिका के द्वारा ही इस भूमि पर कार्य किया गया है । जिसका रिकॉर्ड पालिका के पास है और यह सड़क स्थाई निवासियों के आवागमन के लिए ही बनाई गई थी साथ उन्होंने यह भी कहा कि पालिका एक बार पर्यटन विभाग से भी वार्ता कर लेगी कि किस वजह से इस सड़क पर कंपनी द्वारा अपना हक जताया जा रहा है ।
और उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है । पालिका अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अगर यहां के स्थाई निवासियों को ही आवागमन की दिक्कत हो रही है तो पालिका का स्थिति अस्तित्व ही क्या रह जाएगा ।
पालिकाध्यक्ष ने यह भी कहा कि जैसे कंपनी गार्डन और मसूरी झील में स्थानीय निवासियों को निशुल्क प्रवेश दिया जाता है वैसा ही यहां पर भी होना चाहिए ।
उन्होंने बताया कि कंपनी के द्वारा 10 दिन का समय मांगा गया है और 10 दिन के बाद भी अगर परिस्थितियों ज्यों की त्यों रही तो पालिका द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी ।
सभासद जसबीर कौर के द्वारा बताया गया जिस दिन से रास्ते पर गेट लगा है उसी दिन से आए दिन रास्ते को लेकर के लड़ाई झगड़े होते रहते हैं ।
पहले कंपनी के द्वारा नीचे टोल लिया जाता था लेकिन जब वहां पर लोगों ने आपत्ति लगाई तो फिर उन्होंने फिर गेट पर प्रवेश शुल्क लेना आरंभ कर दिया । परंतु जांच में पता चला है कि यह रास्ता जहां तक जॉर्ज एवरेस्ट बना हुआ है यह पालिका का ही रास्ता है । उन्होंने बताया कि सिर्फ जॉर्ज एवरेस्ट की लीज हुई है रास्ते की कोई लीज नहीं है और यह रास्ता आम स्थाई निवासियों के लिए खुला रहना चाहिए ।
वही जॉर्ज एवरेस्ट समिति के सदस्य भगत सिंह द्वारा बताया गया कि यह लड़ाई उनकी समिति लगभग दो-ढाई साल से लड़ते आ रही है और अब यह लड़ाई अंतिम निर्णायक मोड़ पर है इसलिए 10 दिन का और इंतजार कर लेंगे ।
