मसूरी पहुँचे वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाले साइकिलिस्ट बापी देवनाथ और उनके मित्र अभिषेक शर्मा ।

दिनेश  /

मसूरी । “राइडिंग फोर नेशन,नो ड्रग नो सुसाइड ” के स्लोगन के साथ उत्तराखंड देवभूमि पहुँचे बापीे देवनाथ (नील) और अभिषेक शर्मा अपनी साइकिल यात्रा से आज त्रिपुरा और राजस्थान से मसूरी पहॅचे उन्होंने कहा कि वह लगभग पिछले 2 सालों से साइकिल पर राइडिंग करते हुए “राइडिंग फोर नेशन,नो ड्रग नो सुसाइड ” को लेकर काम कर रहे हैं इसके उद्देश्य से ही वह उत्तराखंड पहुंचे हैं । उनका मानना है कि जो लोग ड्रग या अन्य किसी प्रकार के नशीले पदार्थ का नशा करते हैं उसे छोड़कर हमारी तरह वह प्रकृति का नाश करें और प्रकृति के साथ रहे । “नो सुसाइड”  उन्होंने कहा कि अगर आप खुद से हार ना माने तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको नहीं हरा सकती हैं । इसलिए आपको सबसे पहले अपने आपको जानना चाहिए । प्रकृति को जाने और अपने देश को जानेंगे तो आपको नशा करने की जरूरत ही नहीं होगी । और सुसाइड किसी भी समस्या का समाधान नहीं है । साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वह अपने मित्र अभिषेक शर्मा के साथ साइकिल से उत्तराखंड में जितने भी शिवजी पार्वतीजी, विष्णुजी के जितने भी मंदिर और सनातन धर्म के धार्मिक स्थल है उन सब के दर्शन करके जाएंगे । और उत्तराखंड वासियों से भी मुलाकात करेंगे । उन्होंने कहा कि जिस जगह से माॅ गंगा, भागीरथी, यमुना का जन्म हुआ है तो उसी जगह पर सभी देवता हैं और उन्हीं देवता को हम मिलने आए हैं ।

बापी देबनाथ (नील) की मुख्य उपलब्धियां हैं:-

  • माउंट एवरेस्ट बेस कैंप तक पहुंचने वाले पहले बंगाली साइकिलिस्ट: जुलाई 2024 में, बपी देबनाथ (नाथ) एक सिंगल-गियर साइकिल का उपयोग करके माउंट एवरेस्ट के दक्षिण बेस कैंप (नेपाल में स्थित) तक पहुंचने वाले पहले बंगाली साइकिलिस्ट बने।
  • तीसरे भारतीय और विश्व के आठवें साइकिलिस्ट: वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे भारतीय और विश्व के आठवें साइकिलिस्ट बने।
  • अन्नपूर्णा बेस कैंप: अप्रैल 2025 में, वह अन्नपूर्णा बेस कैंप तक साइकिल से पहुंचने वाले पहले भारतीय, दूसरे बंगाली और विश्व के तीसरे साइकिलिस्ट बने।
  • यात्रा का विवरण: उन्होंने अपनी एवरेस्ट यात्रा 21 मई 2024 को कोलकाता से शुरू की और 54 दिनों में लगभग 2,100 किलोमीटर की दूरी तय की, जिसमें वाराणसी, अयोध्या, पंजाब, काठमांडू जैसे स्थान शामिल थे। 

वही उनके मित्र अभिषेक शर्मा ने बताया कि वह राजस्थान के सीकर जिला से हैं और भगवान खाटू श्याम के शहर से आते हैं उन्होंने कहा कि वह अभी तक भारत लगभग घूम चुके हैं । और लगभग 20,000 से अधिक किलोमीटर अलग-अलग राज्यों में घूम चुके हैं 2025 में 12 ज्योतिर्लिंग तक साइकिल से घूम चुके हैं और नेपाल की राजधानी काठमांडू जिसे मंदिरों का शहर भी कहा जाता है । वहां भी साइकिल से ही घूम चुके हैं और आगे अपने राज्य से कैलाश मानसरोवर के दर्शन करने जाएंगे । और अभी वह देवभूमि उत्तराखंड में है तो अपने दर्शकों को भी बताएंगे कि उत्तराखंड कितना पवित्र स्थल है और उत्तराखंड को देवभूमि क्यों कहा जाता है ।

और आगे दोनों (अभिषेक,बापी देवनाथ) ने कुछ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के प्लानिंग की है इसलिए आगे हम दोनों का लक्ष्य वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने को लेकर ही रहेगा ।

अभिषेक ने कहा कि वह प्रकृति से प्रेम करते हैं और वह हर साल अपने जन्म दिवस पर कैक न काट कर के एक वृक्ष जरुर लगते हैं

और उन्होंने लोगों से भी अपील की हर किसी को अपने जन्म दिवस पर काम से कम एक पेड जरूर लगाना चाहिए ।

और युवाओं को फोन में ज्यादा ना लगने की सलाह दी और सुझाव दिया की जब भी उनके पास समय हो तो घूमने जरूर निकले और जरूरी नहीं की हर कोई साइकिल से ही भारत भ्रमण पर निकले।

इन दोनों साइकिलिस्टों को देखकर मसूरी के कई युवा-युवतियां प्रेरित होते दिखे ।

 

 

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