मसूरी-देहरादून में MDDA की ताबड़तोड़ कार्रवाई: टर्नर रोड, संस्कृति लोक समेत 7 निर्माण सील; VC बोले- ‘नियम तोड़े तो खैर नहीं’
देहरादून/मसूरी । मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध और अनियोजित निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने मसूरी से लेकर देहरादून तक ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए सात अवैध व्यावसायिक निर्माणों को सील कर दिया। यह पूरी कार्रवाई बिना नक्शा पास कराए और नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माणों पर की गई है।
प्राधिकरण की टीम ने मसूरी, संस्कृति लोक कॉलोनी, टर्नर रोड और ओगल भट्टा क्षेत्र में चिन्हित अवैध संपत्तियों पर शिकंजा कसा:
मसूरी (घंटाघर रोड): होटल गोल्डन हैवन के समीप जगमोहन अत्री द्वारा पुराने भवन में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कराया जा रहा था, जिसे मौके पर सील किया गया।

संस्कृति लोक कॉलोनी: यहां नदीम अहमद और शहजाद द्वारा खड़े किए जा रहे अवैध व्यावसायिक ढांचों पर सीलिंग की कार्रवाई हुई। इसी कॉलोनी की लेन नंबर-1 में ‘चौधरी’ द्वारा किए जा रहे अनाधिकृत निर्माण को भी बंद कराया गया।
टर्नर रोड: सी-12, बजाज डेयरी के पास सुमित द्वारा बिना अनुमति बनाए जा रहे व्यावसायिक परिसर पर ताला जड़ा गया।
ओगल भट्टा: इसी क्षेत्र में कमलेश और रुकसाना/इकबाल द्वारा नियमों के खिलाफ किए जा रहे अलग-अलग निर्माणों को सील कर दिया गया।
”नियम ताक पर रखे तो बख्शा नहीं जाएगा”: बंशीधर तिवारी
MDDA के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि शहर में सुनियोजित विकास प्राधिकरण की पहली प्राथमिकता है।
”अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान रुकने वाला नहीं है। बिना मानचित्र स्वीकृति या तय मानकों के विपरीत निर्माण करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। अधिकारियों को पूरे क्षेत्र पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।”
— बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष, MDDA
वहीं, प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि कॉमर्शियल गतिविधियों के लिए नियमों की अनदेखी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शहर में अवैध निर्माणों को चिन्हित करने का काम जारी है और आगे भी इसी तरह सीलिंग व ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने आम नागरिकों और बिल्डरों से दो टूक अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सक्षम स्तर से नक्शा जरूर पास कराएं, अन्यथा सीधी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
