Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

September 1, 2026

मसूरी टिहरी बाईपास रोड के नीचे कब्रिस्तान में बनाए गए मजारनुमा धार्मिक संरचना को भारी विरोध के बाद भी ध्वस्त कर दिया गया

मसूरी। मसूरी टिहरी बाईपास रोड के नीचे कब्रिस्तान में कथित नगर पालिका की संपत्ति पर बनाये गये मजारनुमा संरचना को नगर पालिका अधिशासी अधिकारी, नायब तहसीलदार व पुलिस बल की मौजूदगी में एसडीएम के आदेश पर भारी विरोध के बीच ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान समुदाय विशेष के लोगों ने जमकर विरोध किया व उनका कहना था कि यह निर्माण बहुत पुराना था जिसमें कब्रिस्तान में उपयोग होने वाला सामान आदि रखा जाता था।

प्रातः बड़ी संख्या में पुलिस बल, फायर विभाग की मौजूदगी में पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन व नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा के समक्ष लंढौर कब्रिस्तान में अवैघ रूप से बनाये गये मजारनुमा धार्मिक संरचना को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समुदाय विशेष की महिलाएं व पुरूष मौके पर विरोध करते रहे व पुलिस व पालिका अधिशासी अधिकारी के साथ विवाद करते रहे। इस दौरान किसी को भी मौके पर नहीं जाने दिया गया व सभी को टिहरी बाईपास रोड पर रोके रखा गया। जिस पर समुदाय विशेष के लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी व सांकेतिक धरना दे दिया। मौके पर मौजूद समुदाय विशेष के इस्लाम अहमद ने कहा कि इस संपत्ति के सारे साक्षय हमारे पास है, एसडीएम का कहना है कि यह मजार है जबकि यह सामान रखने के लिए कमरा बनाया गया था व प्रशासन के कहने पर गुंबद को हटा दिया गया था जिसकी सूचना जिलाधिकारी व एसडीएम को दे दी गयी थी। लेकिन आज पुलिस बल की मौजूदगी में निर्माण को तोडा गया है व वहां किसी को जाने नहीं दिया जा रहा है। कामिल अली ने कहा कि यह बहुत पुराना कब्र्रिस्तान है जो मुस्लिम समाज का है जिसमें महान स्वतंत्रता सेनानी अब्बास तैयब की कब्र भी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को सारे कागज दिखाये गये, जिसमें 1929 का सर्वे ऑफ इंडिया का नक्शा दिखाया जिसमें यह निर्माण मौजूद है, एसडीएम ने कहा था कि मीनार हटा दे बाकी रहने दिया जायेगा। लेकिन सहयोग करने के बाद प्रशासन के निर्देश पर निर्माण को तोड़ा जा रहा है जिसका जबाव उन्हें देना होगा। मौ. दानिश ने कहा कि यह दो सौ साल पुराना कब्रिस्तान है जिसमें हमारे बडों की कब्र है, जो सीधे सीधे उत्पीड़न है, इस पर न्यायालय की शरण में जाने पर मजबूर किया जा रहा है। वक्फ बोर्ड के सचिव शाहित मंसूरी ने कह कि उनके पास सारे नक्शे है, व एसक नक्शा 1914 का नक्शा छावनी परिषद का मिला जिसमें कब्रिस्तान व निर्माण पाया गया, जिसकी प्रति प्रशासन को दी गयी, ब्रिटिश सरकार का 1920 व सर्वे का 1962 का नक्शा भी प्रशासन को उपलब्ध कराया वहीं वक्फबोर्ड 434 का हिस्सा है, जिसका प्रमाणपत्र भी है। यह संपत्ति खरीदी जिसकी रजिस्ट्री भी मौजूद है। एसडीएम ने जो कहा वही किया लेकिन उसके बाद यह किया गया जो ठीक नहीं है। उसके साथ ही मौके पर मौजूद महिलाओं ने कहा कि यहां पर मयतें आती है उस समय यह लोगों के रूकने के लिए बनाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समुदाय विशेष के लोगों सहित नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा, सीओ जगदीश पंत, कोतवाल देवेंद्र चौहान व भारी पुलिस व फायर का बल मौजूद रहा। संपत्ति पर बनाए गए मजार नमा संरचना को ध्वस्त किया गया।

Copyright2026©Murroorie Raibar, Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.