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September 1, 2026

चंद्र कुंवर बर्तवाल की जयन्ती पर विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रंद्धांजलि देकर उनके योगदान को याद किया

मसूरी। चंद्र कुंवर बर्तवाल शोध संस्थान ने मालरोड पर स्थित हिमंवत कवि चंद्र कुंवर बर्त्वाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती पर विभिन्न राजनैतिक संगठनों, साहित्यकारो, पत्रकारों, बुद्धीजिवियों व सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने श्रंद्धांजलि दी व साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया ।

इस मौके पर चंद्र कुंवर बर्त्वाल शोध संस्थान के अध्यक्ष शूरवीर भंडारी ने सभी का स्वागत किया व कहा कि हर वर्ष चंद्र कुंवर बर्त्वाल के जन्म दिवस व पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। उन्होंने कहा कि उनके गांव मालकोटि व पूरे उत्तराखंड में उनके जन्म तिथि पर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है। वह प्रकृति के ऐसे चितेरे कवि थे जिन्होंने मात्र 28 साल की आयु में एक हजार से अधिक कविताएं हिंदी साहित्य को दी। उन्होंने प्रकृति पर अनेक कविताएं लिखी, मसूरी पर भी उन्होने कविता लिखी, उन्होंने करूणा, वेदना, प्रेम आदि पर कविताएं लिखी जो आज उत्तराखंड के विद्यालयों में पढाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में तत्कालीन पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह व उनकी बोर्ड ने यह प्रतिमा लगायी वहीं उन्होंने वर्तमान पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने प्रतिमा का सौदर्यीकरण की मांग की। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष मीरा सकलानी ने चंद्र कुंवर बर्त्वाल संस्थान को बधाई दी व कहा कि उनके साहित्य को आगे बढाने का कार्य कर रही है, जो आज की पीढी को सीखने के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी रचनाओं से पहाड के दर्द को उठाया है। उन्होंने कहा कि जहां पर प्रतिमा है उसके नीचे नाला है जो संकरा है, वहां पर कार्य नहीं हो पा रहा था, समिति के सहयोग से प्रतिमा को वहां से थोड़ा हटाना पडेगा व उसका सौदर्यीकरण किया जायेगा। इस मौके पर पूर्व विधायक जोत सिहं गुनसोला, पूर्व पालिकाध्यक्ष ओपी उनियाल व भाजपा के मडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने भी चंद्र कुंवर बर्तवाल के जन्म दिवस पर उन्हें याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रकृति का चित्रण किया है व उसके साथ ही कई ऐसी रचनाएं की जिन्हें लोग याद करते है वहीं मात्र 28 साल की उम्र में इतना बड़ा साहित्य संसार उन्होंने रचा जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती। इस मौके पर एमपीजी के प्रधानाचार्य डा. सुनील पंवार, अनीता सक्सेना, सुरेश गोयल, प्रदीप भंडारी, अरविंद सोनकर, देवी गोदियाल, समिति के सचिव नरेंद्र पडियार, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, श्रीपति कंडारी, सुनील रतूड़ी, राजेंद्र रावत, दर्शन रावत, जसोदा शर्मा, विशाल खरोला, अनीता धनाई, दर्शनी सेमवाल, राजीव अग्रवाल, चांद खान, राजेन्द्र कंडारी, सहित साहित्य प्रेमी मौजूद रहे ।

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