गोल्फकार्ट बन्द होने से गहराया रोजगार संकट, मजदूर संघ ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
मसूरी। नगर पालिका द्वारा संचालित गोल्फकार्ट सेवा बंद होने के बाद बेरोजगार हुए संचालक मजदूरों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों ने कहा कि गोल्फकार्ट संचालन बंद हुए करीब चार माह हो चुके हैं, जिससे संचालकों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
मजदूर संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन में मांग की गई कि गोल्फकार्ट का अस्थायी पंजीकरण करवाकर उसका संचालन पुनः शुरू कराया जाए, ताकि बेरोजगार हुए संचालकों को रोजगार मिल सके। साथ ही 121 साइकिल रिक्शा संचालकों के पुनर्वास की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी करने की मांग उठाई गई।
ज्ञापन में कहा गया कि 14 दिसंबर 2024 को प्रशासन द्वारा 121 रिक्शा श्रमिकों के पुनर्वास को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी एवं जिला प्रशासन स्तर पर पुनः समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। बैठक में केवल उन लाइसेंसधारी रिक्शा श्रमिकों को शामिल किया जाए, जिन्हें अब तक पुनर्वास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है और जो पूरी तरह रिक्शा संचालन पर निर्भर रहे हैं।
श्रमिकों ने बताया कि गोल्फकार्ट बंद होने के बाद उन्होंने नगर पालिका, विधायक तथा शासन-प्रशासन के अधिकारियों को कई बार पत्रों के माध्यम से अपनी समस्या से अवगत कराया, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने मांग की कि बेरोजगार हुए गोल्फकार्ट संचालकों की समस्या का एक सप्ताह के भीतर समाधान किया जाए।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि बेकरी हिल कार पार्किंग को पूर्व की भांति मजदूर संघ को उपलब्ध कराया जाए। श्रमिकों का कहना है कि वर्ष 1996 में रिक्शा उन्मूलन के तहत विस्थापित किए गए रिक्शा श्रमिकों की आर्थिकी मजबूत करने के उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई थी, इसलिए इसे पुनः मजदूर संघ को दिया जाना चाहिए।
गोल्फकार्ट संचालकों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे परिवार सहित नगर पालिका अधिशासी अधिकारी के कार्यालय के बाहर धरना देने को मजबूर होंगे। श्रमिकों ने कहा कि समस्या का समाधान नहीं होने पर नगर पालिका के खिलाफ आंदोलन को भी तेज किया जाएगा।
ज्ञापन देने वालों में गोल्फकार्ट संचालक रणजीत सिंह, वीरेंद्र सिंह, दलवीर सिंह, राजेश प्रसाद, सुखदेव सिंह, दाता राम और लुठी लाल सहित अन्य श्रमिक शामिल रहे।
